रायगढ़, नईदुनिया न्यूज। तमनार ब्लॉक के गारे में ग्रामीणों द्वारा कंपनी बनाकर अपनी जमीन पर कोयला खोदने किए जा रहे आंदोलन से अमेरिका के एक कॉलेज के लोग इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने इस सामाजिक आंदोलन को चैप्टर के रूप में शामिल करने की योजना बनानी शुरू कर दी है। हालांकि पहले दौर में आंदोलन के अगुआ लोगों को कॉलेज में लेक्चर के लिए बुलाया जाएगा। इसकी सहमति के लिए कॉलेज प्रशासन ने स्थानीय आंदोलनकारियों से संपर्क किया है।

प्रत्येक दो अक्टूबर को गारे के लोगों द्वारा कोयला कानून तोड़कर सरकारी नियमों का विरोध किया जाता है और मांग की जाती है कि जमीन हमारी है तो हमें भी कोयला निकालने का हक दिया जाए। यही नहीं यहां के लोगों ने एक कंपनी भी बनाई हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि सरकार उन्हें कोयला खोदने की अनुमति देती है तो वह उससे विद्युत उत्पादन करेंगे। हालांकि पिछले पांच सालों से लगातार आंदोलन किया जा रहा है। लेकिन इसमें न तो प्रशासन और न ही शासन रुचि दिखा रहा है। पर आंदोलन की धमक अमेरिका तक पहुंच गई है। अमेरिका की मिशीगन स्टेट यूनिवर्सिटी के जेम्स मेडिसन कॉलेज में इसे एक सामाजिक और अधिकार के आंदोलन के रूप में बताया जा रहा है। Read More