रायगढ़ । नईदुनिया प्रतिनिधि

स्वास्थ्य विभाग द्वारा मानवाधिकार आयोग को बताया गया है कि जिले में किसी भी तरह के कोई सिलिकोसिस मरीज नहीं हैं और न ही सिलिकोसिस की वजह से किसी मरीज की मौत हुई है। जबकि राज्य शासन द्वारा जिले के 4 मरीजों को सिलिकोसिस बीमारी प्रमाणित होने के बाद मुआवजा के तौर पर 3-3 लाख रुपए की आर्थिक सहायता भी प्रदान किया गया है।

सिलिकोसिस प्रभावितों को न्याय दिलाने के लिए एक सामाजिक संगठन द्वारा राज्य मानवाधिकार आयोग को पत्र लिखकर मामले में हस्तक्षेप करने की मांग किया था। इसके बाद शासन स्तर से सिलिकोसिस को लेकर जिला स्वास्थ्य अधिकारी से जानकारी मांगी गई। इसमें सबसे हास्यास्पद जानकारी यह दी गई है कि गोल्डन रिफ्रेक्ट्रीज में कार्यरत किसी भी श्रमिक में सिलिकोसिस बीमारी की पुष्टि नहीं हुई है। जबकि हकीकत यह है कि गोल्डन रिफैक्ट्रीज में कार्य करने वाले ही तीन श्रमिकों में सिलिकोसिस की पुष्टि हुई थी इसकी पुष्टि औद्योगिक स्वास्थ्य विभाग के रायपुर स्थित हाईजीन लैब में होने के बाद ही शासन स्तर से जिले के सराईपाली गांव के 3 व सारंगढ़ ब्लॉक के एक सिलिकोसिस मरीज को 3-3 लाख रुपए का आर्थिक मुआवजा प्रदान किया गया था।

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