जागरण संवाददाता, देहरादून : उत्तराखंड में मानसून की दस्तक में अभी देर है, लेकिन प्री-मानसून की बौछारें सुकून के साथ मुसीबत बढ़ाने लगी हैं। रविवार की देर रात पहाड़ से लेकर मैदान तक हुई बारिश से जनजीवन खासा प्रभावित रहा। चमोली जिले के गैरसैंण क्षेत्र में मलबा आने से बरसाती नदी में झील बन गई। मसूरी में मकान गिरने से किशोरी की मौत हो गई। वहीं कुमाऊं में शारदा नदी का जलस्तर बढ़ने से 15 सितंबर तक के लिए राफ्टिंग बंद कर दी गई है। पिथौरागढ़ के जौलजीवी क्षेत्र में तल्लाबगड़ मार्ग भी मलबे से बंद है।1गैरसैंण ब्लाक के माईथान क्षेत्र में खंसर गाड़ (बरसाती नदी) में पहाड़ी से हुए भूस्खलन का मलबा आने से झील बन गई। क्षेत्र पंचायत सदस्य खिलाफ सिंह रावत ने बताया कि झील बनने से आसपास के इलाके में दहशत का माहौल है। चमोली के जिलाधिकारी आशीष जोशी ने बताया कि एसडीएम को मौके कामुआइना करने के निर्देश दिए गए हैं। कहा कि झील से पानी का रिसाव हो रहा है। ऐसे में खतरे जैसी बात नहीं है।1अगले 48 घंटे कुमाऊं के लिए अहम : देहरादून मौसम केंद्र निदेशक डॉ. विक्रम सिंह ने कहा कि उत्तराखंड में अगले दो दिन भारी बारिश की संभावना है। विशेषकर कुमाऊं कुछ क्षेत्रों में इसकी संभावना अधिक है। चार धाम यात्रियों को भी यात्र के दौरान सतर्कता रखनी चाहिए।

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