वन मंत्रालय के जुलाई ऑफिस मेमोरेंडम संख्या S O 3611 (2018) के अंदर अब रेत या नदी तट खनन पर प्रशासन को जिला सर्वे रिपोर्ट बनानी होगी। रेत के आलावा भी जो गौण खनिज हैं उनकी भी रिपोर्ट बनेगी। एक सब डिविजनल कमेटी एस डी एम की अध्यक्षता में उन स्थानों पर जाएगी जिन को पर्यावरण स्वीकृति का आवेदन किया जा चुका है। क्या खनन करना इस स्थान पर सही होगा या नहीं इसपर अवलोकन करेगी। इसकी कॉपी कलेक्टोरेट में रखी जाएगी और वेबसाइट पर भी – इक्कीस दिनों के लिए।

जिला स्तरीय पर्यावरण प्रभाव आकलन प्राधिकरण (DEIAA) को यह छूट दी गई है कि अपने जिले या किसी माइन की स्थिति देखते हुए वह अन्य पहलू भी रिपोर्ट में शामिल कर सकते हैं। पर्यावरण स्वीकृति का आवेदन इसी जिला सर्वे रिपोर्ट के आधार पर दिया जाएगा।

As per MoEFCC Office Memorandum number SO 3611(2018) , the administration has to prepare a District Survey report on Sand mining or river bed mining. A committee under the chairmanship of the SDM will visit the places which have been accorded Environment Clearance and evaluate whether the mining has been done properly or not. A copy of the report will be kept at the Collectorate and will be put on the website within 21 days

DEIAA has been given the liberty to include other considerations in this survey report. Further environment clearances will be considered based on this report only.

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